1. जीवन में सफलता यूँही नहीं हासिल होती, बल्कि इसे पाने के लिए कुछ खास नियमों का पालन करना पड़ता है.
2. मन में बहुत कुछ करने की इच्छा उठती है, पर हम यह सोचकर टाल जाते हैं कि बाद में कर लेंगे, पर बहुत कम लोगों की ज़िंदगी में ही वह बाद लौट कर आता है.
3. ज्यादातर मलाल ही करते रह जाते हैं कि ज़िन्दगी में बहुत कुछ करने से रह गए और अपनी ज़िंदगी तो जी ही नहीं.
4. हममें से हरेक के पास दो ज़िन्दगी हैं, लेकिन दूसरी ज़िन्दगी हम तब जीते हैं जब यह जान जाते हैं कि ज़िन्दगी एक ही होती है.
5. बिना काम किए कुछ हासिल नहीं होता, और आज किए गए काम ही कल फल बनकर सामने आते हैं.
6. हर दिन क्या पाया, इससे मापा नहीं जाता, यह तो इससे तय होगा कि आप कैसे और कितने बीज बोते रहे हैं, क्योंकि लगातार खर्च करना है तो साथ-साथ जमा भी करना पड़ता है.
7. सफलता हासिल करने के लिए परिश्रम तो करना ही है, लेकिन जो कुछ भी कर रहे हैं उसे करने में हड़बड़ी नहीं होनी चाहिये, और सोच-समझ कर धीरे-धीरे कदम बढ़ाना चाहिए.
8. किसी भी कार्य के दौरान संकट की घड़ी आ सकती है और अक्सर आती भी है, ऐसी स्थिति में धैर्य ही साथ देता है, इसलिए जब भी समस्याएं खड़ी हों तो धैर्य बनाए रखें.
9. ऐसे मौकों पर यदि कोई ज्ञानी व्यक्ति आपको परेशान होते देखकर कोई सलाह दे रहा है, तो उसे नज़रअंदाज़ कदापि न करें, बल्कि ग्रहण करें.
10. हमारी सफलता का दायरा और बढ़ जाता है जब अपने साथ दूसरों की तरक्की भी जुड़ जाती है, और इसके फलस्वरूप हम अपनी खुशियां दूसरों के साथ भी बांटना सीख जाते हैं.
2. मन में बहुत कुछ करने की इच्छा उठती है, पर हम यह सोचकर टाल जाते हैं कि बाद में कर लेंगे, पर बहुत कम लोगों की ज़िंदगी में ही वह बाद लौट कर आता है.
3. ज्यादातर मलाल ही करते रह जाते हैं कि ज़िन्दगी में बहुत कुछ करने से रह गए और अपनी ज़िंदगी तो जी ही नहीं.
4. हममें से हरेक के पास दो ज़िन्दगी हैं, लेकिन दूसरी ज़िन्दगी हम तब जीते हैं जब यह जान जाते हैं कि ज़िन्दगी एक ही होती है.
5. बिना काम किए कुछ हासिल नहीं होता, और आज किए गए काम ही कल फल बनकर सामने आते हैं.
6. हर दिन क्या पाया, इससे मापा नहीं जाता, यह तो इससे तय होगा कि आप कैसे और कितने बीज बोते रहे हैं, क्योंकि लगातार खर्च करना है तो साथ-साथ जमा भी करना पड़ता है.
7. सफलता हासिल करने के लिए परिश्रम तो करना ही है, लेकिन जो कुछ भी कर रहे हैं उसे करने में हड़बड़ी नहीं होनी चाहिये, और सोच-समझ कर धीरे-धीरे कदम बढ़ाना चाहिए.
8. किसी भी कार्य के दौरान संकट की घड़ी आ सकती है और अक्सर आती भी है, ऐसी स्थिति में धैर्य ही साथ देता है, इसलिए जब भी समस्याएं खड़ी हों तो धैर्य बनाए रखें.
9. ऐसे मौकों पर यदि कोई ज्ञानी व्यक्ति आपको परेशान होते देखकर कोई सलाह दे रहा है, तो उसे नज़रअंदाज़ कदापि न करें, बल्कि ग्रहण करें.
10. हमारी सफलता का दायरा और बढ़ जाता है जब अपने साथ दूसरों की तरक्की भी जुड़ जाती है, और इसके फलस्वरूप हम अपनी खुशियां दूसरों के साथ भी बांटना सीख जाते हैं.